पैरालंपिक खेलों का इतिहास: शुरुआत से लेकर भारत की ऐतिहासिक उपलब्धियों तक
पैरालंपिक खेलों का इतिहास (History of Paralympic Games in Hindi) मानव साहस, संघर्ष, समानता और दृढ़ इच्छाशक्ति की एक प्रेरणादायक कहानी है। आज पैरालंपिक खेल दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में से एक हैं। इन खेलों में दिव्यांग खिलाड़ी अपनी प्रतिभा, मेहनत और खेल कौशल का प्रदर्शन करते हैं तथा पूरे विश्व के लिए प्रेरणा बनते हैं। पैरालंपिक खेलों की शुरुआत द्वितीय विश्व युद्ध के बाद हुई थी। वर्ष 1948 में इंग्लैंड के स्टोक मैंडविल में आयोजित एक छोटी खेल प्रतियोगिता से शुरू हुआ यह आंदोलन आज ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन पैरालंपिक खेलों के रूप में विश्वव्यापी पहचान बना चुका है। इस लेख में हम पैरालंपिक खेलों का इतिहास, उनकी शुरुआत, अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति, प्रमुख खेल, भारत का प्रदर्शन, प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ी और पैरालंपिक के सामाजिक महत्व के बारे में विस्तार से जानेंगे। पैरालंपिक खेल क्या हैं? पैरालंपिक खेल एक अंतरराष्ट्रीय बहु-खेल प्रतियोगिता है, जिसमें निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले दिव्यांग खिलाड़ी भाग लेते हैं। इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य खिलाड़ियों क...





